मुंबई , मार्च 17 -- महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने बारामती विमान दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स में गड़बड़ी की बात कहते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) रिपोर्ट की आलोचना की है।

श्री रोहित ने एक्स पर एक पोस्ट में केन्द्रीय उड्डयन नागरिक मंत्री के जवाब की आलोचना की, और इसे एक संवेदनशील मुद्दे पर ''जल्दबाजी'' और ''टालमटोल'' वाला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लैक बॉक्स के जलने की ज़रूरी जानकारी (बारामती क्रैश में सुरक्षित होने के बावजूद) कथित तौर पर अहमदाबाद दुर्घटना की जानकारी मांगने वाली अमेरिकी एजेंसी के साथ साझा क्यों नहीं की जा रही थी, जबकि दावा किया जा रहा था कि जांच पारदर्शी तरीके से और अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से की जा रही थी।

उन्होंने कहा, "सर, मेरा आपसे सीधा सवाल है, यह जानकारी (ब्लैक बॉक्स) उस अमेरिकन एजेंसी को क्यों नहीं दी जा रही है जो अहमदाबाद क्रैश की जानकारी मांग रही है। उन्हें उठाए गए सवालों के जवाब देने चाहिए। खैर, हम उससे क्या उम्मीद कर सकते हैं, जो वीआरएस कंपनी के मालिक (जिनके साथ उनके वित्तीय संबंध हैं और जिन्होंने मेहमाननवाज़ी स्वीकार की) के बेटे की शादी में शामिल हुआ था। हालांकि, मुझे विश्वास है कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथ संसद में इस मुद्दे को असरदार तरीके से उठाएगी।'' श्री रोहित पवार ने इससे पहले आधिकारिक दुर्घटना रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए कई गड़बड़ियों को चिहिन्त किया। उन्होंने कहा कि एक महीने में तैयार की गई रिपोर्ट में बुनियादी गलतियाँ नहीं होनी चाहिए थीं। हालाँकि, इसमें बारामती को गलत तरीके से ज़िला बताया गया और उसकी नगर परिषद को नगर निगम बताया गया, जिससे नतीजों की गंभीरता पर शक पैदा होता है।

उन्होंने विमान के गतिविधि को लेकर विरोधाभासों की ओर भी इशारा किया। जहाँ एक रिपोर्ट में कहा गया कि विमान दाईं ओर झुका था, वहीं विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एआईबी) की रिपोर्ट में बाईं ओर झुकाव का ज़िक्र था, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह गलत था। इसके अलावा, रिपोर्ट में विमान के पेड़ों से टकराने का ज़िक्र था, जबकि श्री पवार ने कहा कि दुर्घटना स्थल पर सिर्फ़ झाड़ियाँ थीं और ऐसी कोई टक्कर नहीं हुई थी।

श्री रोहित पवार ने ब्लैक बॉक्स का मामला अब सामने आने के साथ आरोप लगाया कि रिपोर्ट तथ्यों पर ठीक से ध्यान दिए बिना लापरवाही से तैयार की गई लगती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित