पुणे , अक्टूबर 07 -- एमपीएससी अभ्यर्थियों के यहां चल रहे आंदोलन के केंद्र में रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार का सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' निलंबित कर दिया गया है। इससे एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

विधायक ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दबाने का प्रयास करार दिया है।

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर लगातार मुखर रहे और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाने वाले श्री पवार ने अपने 'एक्स' अकाउंट के निलंबन की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सरकार की उनकी आलोचना और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति उनके समर्थन ने खासा राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया है।

अकाउंट निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री पवार ने फेसबुक के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ की गई कार्रवाई की परिस्थितियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतियों की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

विधायक ने कहा कि सोशल मीडिया जनप्रतिनिधियों के लिए नागरिकों, विशेषकर छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। श्री पवार का कहना है कि ऐसे मंच पर रोक लगाना जनहित के मुद्दों उठाने की जनप्रतिनिधि की क्षमता को सीमित करने जैसा है।

पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन की पृष्ठभूमि में यह निलंबन काफी मायने रखता है।

छात्र भर्ती परीक्षाओं, परीक्षा समय सारणी और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। श्री पवार ने सक्रिय रूप से छात्रों का समर्थन किया है और उनकी चिंताओं पर राज्य सरकार व आयोग से जवाब मांगा है।

राकांपा (एसपी) विधायक ने अभ्यर्थियों की मांगों को उजागर करने और इस मुद्दे पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाने के लिए अक्सर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। उनके हस्तक्षेप ने उन्हें इस आंदोलन से जुड़ी प्रमुख राजनीतिक आवाजों में से एक बना दिया है।

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