नॉटिंघम , जून 18 -- रॉबिनहुड की सदियों पुरानी कहानियों और लोक कथाओं से जुड़ा ब्रिटेन का सबसे मशहूर और ऐतिहासिक पेड़ 'मेजर ओक' अब नहीं रहा। नॉटिंघमशायर के शर्वुड जंगल में करीब 1,200 साल से खड़े इस विशाल पेड़ को विशेषज्ञों ने मृत घोषित कर दिया है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के वसंत के मौसम में बलूत के इस पेड़ पर एक भी नई पत्ती नहीं आई, जिसके बाद इस जंगल का प्रबंधन देखने वाली संरक्षण संस्था के वैज्ञानिकों ने इसके मृत होने की पुष्टि की।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेड़ के सूखने के पीछे कोई एक वजह नहीं है। पिछले कई दशकों से इस पेड़ को देखने आने वाले लाखों पर्यटकों की आवाजाही के कारण इसके आसपास की मिट्टी बहुत सख्त हो गई थी। मिट्टी सख्त होने के कारण बारिश का पानी, पोषक तत्व और वायु पेड़ की जड़ों तक नहीं पहुंच पा रहे थे।
इसके साथ ही, जलवायु परिवर्तन के कारण हाल के वर्षों में पड़ी भीषण गर्मी और सूखे ने भी इसकी स्थिति को और बिगाड़ दिया। विशेष रूप से जुलाई 2022 में जब ब्रिटेन में तापमान रिकॉर्ड 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, तब से इस पेड़ की सेहत में लगातार गिरावट दर्ज की गई थी।
पेड़ को बचाने के लिए इसके भारी तनों को कृत्रिम सहारा भी दिया गया था और जून 2025 में विशेष सिंचाई उपकरणों से इसकी जड़ों को सींचा भी गया था, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये तमाम कोशिशें बहुत देर से की गईं।
मशहूर ब्रिटिश अभिनेत्री डेम जूडी डेंच सहित कई बड़ी हस्तियों ने इस ऐतिहासिक पेड़ के नुकसान पर गहरा दुख जताया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस पेड़ की शाखाओं से तैयार किए गए नये पौधे पहले ही दुनिया के कई हिस्सों में रोपे जा चुके हैं।
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