अलवर , मई 27 -- राजस्थान में आमजन को सुलभ न्याय और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाये जा रहे अभियान के तहत बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के सचिव अजीत कुड़ी ने किशनगढ़ बास में स्थानीय रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की बदहाल स्थिति सामने आने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही महिला विश्राम गृह में सामने आयी, जहां नियमों को ताक पर रखकर दो पुरुष सोते हुए मिले। इस सुरक्षा चूक पर सचिव ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। मौके पर मौजूद कर्मचारी नरेंद्र ने बताया कि रैन बसेरे में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग खंड बनाये गये हैं और कुल 15 बेड की व्यवस्था है, लेकिन वास्तविक स्थिति नियमों के अनुरूप नहीं मिली।

इस दौरान महिला विश्राम गृह के सामने स्थित एक कमरा बंद मिला। पूछताछ करने पर कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और चाबी उपलब्ध नहीं होने की बात कही। अन्नपूर्णा रसोई की जांच में भी अनियमितताएं सामने आयीं। यहां भोजन बनाने वाली महिला और उसका पति ही सहकर्मी के रूप में कार्य करते पाये गये।

रैन बसेरे की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी बेहद चिंताजनक मिली। परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी, जबकि शौचालय और स्नानागारों में भी पानी उपलब्ध नहीं मिला। इससे यहां ठहरने वाले जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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