नयी दिल्ली , मई 25 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राजधानी में रेहड़ी-पटरी लगाकर रोज़गार चलाने वाले लाखों गरीब परिवारों को उजाड़ने और "इंस्पेक्टर राज" के जरिए अवैध वसूली को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है।

श्री यादव ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा बनाया गया स्ट्रीट वेंडर्स (अजीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम 2014 रेहड़ी-पटरी वालों को कानूनी सुरक्षा देता है, लेकिन दिल्ली में पिछले 12 वर्षों से उन्हें लाइसेंस देने की प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पांच लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले आज भी नगर निगम, पुलिस और अन्य एजेंसियों की कथित अवैध वसूली का सामना कर रहे हैं। अब उन पर जुर्माना लगाकर उन्हें और परेशान करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि जिन स्ट्रीट वेंडर्स के पास प्रोविजनल सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग है, उन्हें वैध विक्रेता माना जाए।

उन्होंने बताया कि टाउन वेंडिंग कमेटी के चुनाव 30 जून 2026 को प्रस्तावित हैं और 21 जुलाई तक कमेटी के गठन के बाद ही अंतिम लाइसेंस जारी होंगे तथा वेंडिंग जोन तय किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा झुग्गीवासियों, रेहड़ी-पटरी वालों और गरीब तबकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, जिससे महंगाई से जूझ रही दिल्ली की आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

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