हैदराबाद , मई 21 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से विधायिका में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाये जाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन संसद में महिला आरक्षण कानून का समर्थन करने के लिए तैयार है।
श्री रेड्डी ने कहा कि विधायी निकायों में महिला आरक्षण को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस दृष्टिकोण की भावना के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने स्थानीय निकायों में आरक्षण के माध्यम से महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की बात कही थी। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे का राजनीतिकरण करने के खिलाफ भी आगाह किया और इस कानून का समर्थन करने के लिए सभी दलों की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री रेड्डी ने दिवंगत राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया, जिन्होंने भारत में सूचना प्रौद्योगिकी की शुरुआत की और उदारीकृत नीतियों के माध्यम से देश को विकास की राह पर आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, " यह राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने देश में प्रौद्योगिकी के युग की शुरुआत की और भारत को विकास के पथ पर अग्रसर किया।"मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए राजीव गांधी के आदर्शों का पालन कर रही है। उन्होंने तेलंगाना के गठन में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की भूमिका को भी याद किया और कहा कि उन्होंने एक अलग राज्य की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा को पूरा करने के लिए एक साहसी निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना का गांधी परिवार के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव है और राज्य के लोग इस परिवार के योगदान को हमेशा याद रखेंगे और संजोकर रखेंगे।
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