रायपुर , अक्टूबर 11 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का 12 अक्टूबर को प्रस्तावित दौरा अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया गया है, जिसकी जानकारी आज रेल विभाग से मिली । हालांकि, उनके आगमन और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 42वें स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों पर अब तक लाखों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इस बीच, रेल मंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर सड़कों के किनारे झुग्गी-बस्तियों और कचरे को पर्दों से ढकने तथा निर्माण कार्यों पर भारी राशि खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

रेल मंत्री को सोमवार, 12 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित रेलवे सुरक्षा बल के 42वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। उनका दौरा पहले 9 अक्टूबर को निर्धारित था, जिसे बाद में संशोधित कर 12 अक्टूबर किया गया। रेलवे प्रशासन पिछले एक महीने से समारोह की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही रेल मंत्री का दौरा रद्द होने की सूचना सामने आई है।

रेल मंत्री के आगमन को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय से कार्यक्रम स्थल तक लगभग दो किलोमीटर लंबे मार्ग के दोनों ओर बड़े-बड़े पर्दे लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि इन पर्दों के जरिए सड़क किनारे स्थित झुग्गी-बस्तियों और कचरे को नजरों से ओझल करने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन परिसर में मंच निर्माण, रेल पटरियों और उनके आसपास बिछे पत्थरों की रंगाई सहित सौंदर्यीकरण के कई कार्य कराए गए।

प्रस्तावित दौरे से पहले संबंधित क्षेत्रों में सड़कों का डामरीकरण और सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण भी कराया गया। इन कार्यों पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, खर्च की इस राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रेल मंत्री का दौरा रद्द होने के बाद तैयारियों पर हुए व्यय और इसकी उपयोगिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विशेष रूप से झुग्गी-बस्तियों और गंदगी को पर्दों से ढकने की व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है। इस व्यवस्था को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि सार्वजनिक धन का उपयोग समस्याओं को अस्थायी रूप से छिपाने के बजाय साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और संबंधित क्षेत्रों के स्थायी विकास पर क्यों नहीं किया गया।

दूसरी ओर, रेलवे सुरक्षा बल के 42वें स्थापना दिवस समारोह के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। समारोह में रेलवे सुरक्षा, यात्रियों की संरक्षा और रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति आरपीएफ की प्रतिबद्धता तथा आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं का प्रदर्शन प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश और आरपीएफ के महानिरीक्षक मुनव्वर खुर्शीद सहित रेलवे, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

समारोह का प्रमुख आकर्षण औपचारिक परेड होगी। इसमें महिला टुकड़ी, कोरस कमांडो टुकड़ी, डॉग स्क्वॉड और सेगवे टुकड़ी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। परेड के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के अनुशासन, प्रशिक्षण, दक्षता और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाओं और राष्ट्र के प्रति योगदान के लिए आरपीएफ के अधिकारियों तथा जवानों को सम्मानित करने की भी योजना है। इनमें विशिष्ट सेवा के लिए तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक और वर्ष 2024 में रेल यात्री की जान बचाने के लिए जीवन रक्षा पदक शामिल हैं।

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