पंचकूला , अगस्त 02 -- रेल कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय नाम संबंधी विसंगतियों से होने वाली परेशानियों से राहत देने के लिए रेलवे बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन कर्मचारियों के सर्विस बुक या सेवा अभिलेखों में केवल नाम के शुरुआती अक्षर दर्ज हैं, वे एकमुश्त आधार पर अपना पूरा नाम दर्ज करा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इसे नाम परिवर्तन नहीं माना जाएगा, बल्कि केवल इनीशियल्स का विस्तार माना जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने 23 जुलाई, 2026 को जारी अपने आदेश (आरबीई संख्या 62/2026) में कहा है कि अनेक मामलों में कर्मचारियों की सर्विस बुक में दर्ज नाम और पैन, आधार, बैंक रिकॉर्ड अथवा अन्य सरकारी दस्तावेजों में दर्ज नाम अलग-अलग होने के कारण पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी करने और सेवानिवृत्ति लाभों के निपटान में कठिनाइयां आती हैं। कई कर्मचारियों को केवल इस विसंगति के कारण राजपत्र (गजट) में नाम प्रकाशित कराने, शपथ-पत्र देने अथवा आधार में संशोधन जैसी औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी पैन, आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड या बैंक रिकॉर्ड जैसे सरकारी दस्तावेज तथा निर्धारित प्रारूप में नोटरीकृत शपथ-पत्र प्रस्तुत कर अपना पूरा नाम सेवा अभिलेखों में दर्ज करा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह केवल इनीशियल्स का विस्तार माना जाएगा, नाम परिवर्तन नहीं।

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