मुरादाबाद, 19 जुलाई (वार्ता) रेल मंडल के मुख्य टिकट निरीक्षक (सीआईटी) राजेश कुमार मीणा ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने ट्रेन में छूटे एक महिला यात्री के कीमती पर्स को, जिसमें नकदी, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज शामिल थे, पूर्ण सुरक्षा के साथ उनके परिजनों को सौंप दिया।

रेल मंडल प्रशासन ने इस ईमानदारी को 'पैसेंजर फर्स्ट' के संकल्प की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बताया है।

वरिष्ठ डीसीएम महेश यादव ने रविवार को बताया कि गाड़ी संख्या 13005 (अमृतसर मेल) में ड्यूटी के दौरान मुख्य टिकट निरीक्षक राजेश कुमार मीणा को वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (ए-1) कोच में एक लावारिस पर्स मिला। उन्होंने तत्काल सतर्कता बरतते हुए कोच के सह-यात्रियों से पूछताछ शुरू की। गहन पड़ताल के बाद स्पष्ट हुआ कि उक्त पर्स लखनऊ से जालंधर की यात्रा कर रहे सह-यात्रियों का है, जो बर्थ संख्या 39 और 40 पर सफर कर रहे थे।

इसके बाद सीआईटी ने तत्परता दिखाते हुए लुधियाना स्टेशन पर संबंधित महिला यात्री के पति से संपर्क किया। आवश्यक विभागीय सत्यापन एवं पहचान प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उक्त पर्स उन्हें सकुशल सुपुर्द कर दिया गया। पीड़ित यात्री ने पर्स की जांच की, जिसमें नगद राशि, मोबाइल फोन, ईयरफोन, चार्जर और पहचान पत्र सहित सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित और यथावत पाई गईं।

अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर भावुक हुए यात्री और उनके परिजनों ने भारतीय रेल प्रशासन एवं मुरादाबाद रेल मंडल का आभार व्यक्त किया। साथ ही रेलकर्मी राजेश कुमार मीणा की इस अनुकरणीय ईमानदारी, त्वरित सूझबूझ और उत्कृष्ट कर्तव्यपरायणता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

रेल मंडल प्रशासन ने कहा कि रेल यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

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