नयी दिल्ली , अक्टूबर 24 -- रेलवे बोर्ड ने रेलवे के सभी जोनों को पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन के कार्य के घंटों तथा सेवा के वर्गीकरण की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं। यह काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है।

समझा जाता है कि ट्रेनों के परिचालन में वृद्धि, गाड़ियों की गति बढ़ने और तकनीकी प्रगति के कारण इस वर्ग के रेल कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ा है। बोर्ड ने इसके मद्देनजर पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन की दैनिक ड्यूटी की अवधि की समीक्षा कराने का फैसला किया है।

रेलवे बोर्ड के निदेशक (स्थापना) पीयूष कापसी ने इस संबंध में भेजे गये पत्र में कहा है कि तेज गति वाली ट्रेनों की शुरुआत, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग, आधुनिकीकरण की पहल और परिचालन में अन्य बदलावों के बाद इन कर्मचारियों का कार्यभार काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, " ट्रेनों की संख्या में वृद्धि और परिचालन में विभिन्न बदलावों के कारण इन श्रेणियों के कर्मचारियों का कार्यभार काफी बढ़ गया है।" निर्देश के तहत क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों को प्रमुख जंक्शनों, शंटिंग यार्डों, टर्मिनल स्टेशनों तथा अत्यधिक यातायात वाले अन्य स्थानों पर तैनात पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन के काम के वर्गीकरण की समीक्षा करनी होगी।

बोर्ड ने सभी रेलवे जोन के प्रशासन को निर्धारित समय सीमा के भीतर कर्मचारियों के काम का तथ्यात्मक विश्लेषण करने को कहा है। समीक्षा करते समय उनके वास्तविक कार्यों की प्रकृति, ड्यूटी रोस्टर, विश्राम की अवधि और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखना होगा। बोर्ड ने कहा कि इस प्रक्रिया में रेलवे सेवक (कार्य के घंटे और विश्राम की अवधि) नियमावली, 2005 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बोर्ड ने इस पत्र में स्पष्ट किया है कि रेलवे सेवक नियमावली के नियम तीन के तहत कर्मचारियों के वर्गीकरण और उनके कार्य घंटों का निर्धारण करने का अधिकार रेलवे प्रशासन के प्रमुख या उन मामलों में मुख्य कार्मिक अधिकारी को दिया गया है।

इस पत्र की प्रति ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंन (एनएफआईआर) जैसी रेल यूनियनों को इस पत्र की प्रति भेजी गयी है।

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