बिलासपुर , सितंबर 03 -- छत्तीसगढ़ में रेलवे बोर्ड की ओर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मैनुअल पास जारी करने की व्यवस्था छह महीने के लिए बढ़ाए जाने के निर्देश के बावजूद बिलासपुर रेल मंडल में इसका लाभ नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का आरोप है कि वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय के पास सेक्शन में मैनुअल पास के लिए पहुंचने पर उन्हें पास बुक का स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। इससे उम्रदराज पेंशन भोगियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
रेलवे ने पिछले कुछ महीनों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ऑफलाइन पास बंद कर केवल ऑनलाइन पास जारी करने का निर्णय लिया था। इसका विरोध होने और सांसद शशि थरूर द्वारा इस समस्या को लेकर रेल मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद रेलवे बोर्ड तथा प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रिंसिपल सीपीओ) की ओर से निर्देश जारी किए गए थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए मैनुअल पास की व्यवस्था छह महीने के लिए बढ़ाई गई थी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि स्मार्टफोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं कर पाने वाले बुजुर्गों के लिए ऑनलाइन पास व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि रेलवे बोर्ड और प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद बिलासपुर रेल मंडल में मैनुअल पास क्यों नहीं दिए जा रहे हैं।
कर्मचारियों ने यह भी सवाल किया कि चेकिंग स्टाफ के लिए ईएफटी बुक नियमित रूप से प्रिंट होकर उपलब्ध कराई जा रही हैं तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पास बुक की पर्याप्त छपाई और स्टॉक सुनिश्चित क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन से मैनुअल पास की व्यवस्था तत्काल बहाल कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हो रही परेशानी दूर करने की मांग की है।
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