नयी दिल्ली , जून 22 -- रेलवे ने स्वदेशी तकनीक से सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा कदम उठाते हुए पूर्व तटीय रेलवे के 631 किलोमीटर हिस्से पर 'कवच' लगाने को मंज़ूरी दी है जिस इस पर 270 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।
रेलवे ने सोमवार को बताया कि इस परियोजना में पूर्व तटीय रेलवे के छह अहम रेलवे खंड बाघुपाल-बुधापंक, हरिदासपुर-पारादीप, खुर्दा रोड (केयूआर)-बलंगीर, नौपाडा-गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़ और बोब्बिली-सलूर शामिल हैं ।
रेलवे के अनुसार मंज़ूर परियोजना रेलवे के उस बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है जिसके तहत पूरे रेलवे नेटवर्क पर दीर्घकालिक विकास (एलटीई) -आधारित संचार आधार के साथ 'कवच' को लागू किया जा रहा है। 'कवच' भारत में ही विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है। इसे सिग्नल खतरे की स्थिति से निकलना (एसपीएडी), तेज़ रफ़्तार और ट्रेनों की टक्कर जैसी घटनाओं को रोककर सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली लगातार ट्रेन की आवाजाही पर नज़र रखता है और ज़रूरत पड़ने पर अपने-आप ब्रेक लगा देता है, जिससे परिचालन सुरक्षा में काफ़ी सुधार होता है।
रेलवे ने बताया कि इन मार्ग पर 'कवच' लगाने से स्वचालित ट्रेन सुरक्षा और टक्कर से बचाव की सुविधा मिलेगी, जिससे ट्रेन परिचालन में सुरक्षा का स्तर और बेहतर होगा। इसके अलावा, 'कवच' घने कोहरे जैसे खराब मौसम में भी ट्रेनों की सुरक्षित और भरोसेमंद आवाजाही में मदद करता है, जिससे सेवा की विश्वसनीयता और समय की पाबंदी में सुधार होता है।
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