पटना , जनवरी 22 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) की एक विशेष अदालत ने रेलवे के अधिकारियों को रिश्वत की राशि देने के लिए जाते समय पकड़े गए एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंध निदेशक समेत चार अभियुक्तों को हिरासती पूछताछ के लिए सात दिनों के पुलिस रिमांड पर सीबीआई को सौंपे जाने का आदेश दिया।

सीबीआई के अधिकारियों ने इन चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद आज विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हे न्यायिक हिरासत में लेने के बाद जेल भेजे जाने का आदेश दिया।बाद में एक आवेदन दाखिल कर सीबीआई ने इन अभियुक्तों से हिरासती पूछताछ के लिए एक सप्ताह के पुलिस रिमांड पर सौंपे जाने का अनुरोध किया था।

आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने चारों अभियुक्तों को सात दिनो के पुलिस रिमांड पर हिरासती पूछताछ के लिए सीबीआई को सौंपे जाने का आदेश कारा अधीक्षक को दिया है।गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनूप सिंह, सहायक महाप्रबंधक गौरव कुशवाहा, अकाउंटेंट आकाश पात्रा और धीरज विरमानी शामिल हैं।

आरोप के अनुसार इन अभियुक्तों को रेलवे की परियोजना में किये निर्माण कार्य के बदले बिल के भुगतान के सम्बन्ध में रेलवे अधिकारियों को सात लाख उन्यासी हजार पांच सौ रुपए की रिश्वत देने के लिए जाते समय सीबीआई ने 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। इस मामले में सीबीआई ने रेलवे के एक मुख्य अभियंता अनिल कुमार समेत 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है।

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