नयी दिल्ली , मार्च 17 -- लोक सभा में विपक्ष ने आम आदमी के लिए ज्यादा ट्रेनें चलाने और सफर में उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी राय ने रेलवे की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर जारी चर्चा में शामिल होते हुए मंगलवार को कहा कि मजदूरों और आम आदमियों के लिए ट्रेनें चलायी जानी चाहिए और उन्हें सफर के दौरान कोई असुविधा न हो इसका ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तत्काल टिकट लेने वाले निचली बर्थ आरक्षित करा लेते हैं जबकि पहले से आरक्षण कराने में बुजुगों को ऊपर की बर्थ मिलती है। पैसे वाले लोग सुविधाजनक सफर करते हैं जबकि आम आदमी को सफर में दुश्वारियां पेश आती हैं।
सुश्री राय ने कहा कि बुजुर्गों के लिए निचली बर्थ ही आरक्षित किये जाने के प्रावधान किये जाने चाहिए। अस्सी वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए भी ऊपरी बर्थ आरक्षित कर दी जाती है। इससे उन्हें बड़ी परेशानी होती है। ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के दौरान उनके गिर कर घायल होने की भी खबरें आयी हैं। इसी के साथ उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को किराये में रियायत फिर शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में स्थानीय वेंडर खाने की आपूर्ति कर रहे हैं, जिसकी गुणवत्ता ठीक नहीं होती और स्वच्छता का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
सुश्री राय ने कहा कि आरक्षण के लिए प्रतीक्षा सूची में शामिल टिकट रद्द कराने पर भी रेलवे पैसे काट रहा है, जो कतई उचित नहीं है।
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) के अरुण भारती ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रेलवे ने अभूतपूर्व कार्य किये हैं। रेलवे अंडरब्रिज और रेलवे ओवरब्रिज रिकॉर्ड संख्या में बनाये गये हैं। भ्रष्ट्राचार समाप्त किया गया है और अब रेल विकास का पर्याय बन चुकी है।
कांग्रेस के राजमोहन उन्नीथन ने कहा कि भारतीय रेलवे सिर्फ यातायात का साधन नहीं है, यह देश की जीवनरेखा है। ट्रेनें आम आदमी को जीविका, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके मद्देनजर सरकार को आम आदमियों के लिए ट्रेनें चलाने और सफर में उन्हें सहूलियत हो इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए। आधुनिक ट्रेन, बुलेट ट्रेन और बड़े स्टेशनों को लेकर बड़़ी-बड़ी बातें तो की जाती हैं, लेकिन आम आदमी के लिए ट्रेन चलाने पर भी गंभीर चर्चा किये जाने की जरूरत है।
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