हैदराबाद , अगस्त 15 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को राज्य को 2034 तक एक लाख करोड़ डॉलर और 2047 तक तीन लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का एक बड़ा रोडमैप पेश किया।
श्री रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार विकास की रफ़्तार बढ़ा रही है और साथ ही तेलंगाना को देश के लिए एक रोल मॉडल बनाने के लिए मज़बूत नींव भी रख रही है।
मुख्यमंत्री ने यहाँ ऐतिहासिक गोलकुंडा किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने कल्याण, सामाजिक न्याय, बुनियादी ढाँचे, टेक्नोलॉजी और रोज़गार पर जोर देते हुए राज्य के पुनर्निर्माण और व्यापक विकास की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कल्याणकारी उपायों का विस्तार किया है और एक समृद्ध और भविष्य के लिए तैयार तेलंगाना बनाने के मकसद से एक रोडमैप लागू कर रही है।
श्री रेड्डी ने कहा कि राज्य ने कृषि, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताज़ा आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2025-26 में तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपये थी जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दो लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए हैं, जिससे 25 लाख से ज्यादा किसान परिवारों को फायदा हुआ है, साथ ही 'रायतु भरोसा' योजना के तहत 36,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि भी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि धान की खेती के रकबे और पैदावार के मामले में राज्य ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है।
श्री रेड्डी ने महिलाओं के लिए शुरू की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 'महालक्ष्मी योजना' के तहत हर दिन 34 लाख से ज़्यादा महिलाएँ मुफ़्त आरटीसी बस सेवाओं का लाभ उठा रही हैं, जिससे राज्य भर की महिलाओं को लगभग 11,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 लाख से ज़्यादा नए राशन कार्ड जारी किए हैं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए स्मार्ट राशन कार्ड शुरू किए हैं। राज्य ने पहले चरण में 4.5 लाख 'इंदिरम्मा' घर भी शुरू किए और दूसरे चरण में 2.5 लाख और घरों को मंज़ूरी दी है।
श्री रेड्डी ने कहा कि 72,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां भरी जा चुकी हैं। इसके तहत ग्रुप-1, ग्रुप-2, ग्रुप-3, ग्रुप-4 और मेगा डीएससी जैसी अलग-अलग श्रेणियों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना निवेश और प्रौद्योगिकी के लिए एक बड़े केंद्र के तौर पर उभर रहा है। टीजी-आईपीएएसएस के जरिए 1.29 लाख करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ है और 2025-26 में आईटी निर्यात 3.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने दीर्घावधि की सोच के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य देश की सकल घरेलू उत्पाद में तेलंगाना की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाना है। यह 2034 तक एक लाख करोड़ डॉलर और 2047 तक तीन लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की योजना का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि हैदराबाद में अभी 355 से ज़्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हैं। उन्होंने कहा कि 'तेलंगाना राइजिंग-2047' विज़न भविष्य के लिए तैयार राज्य बनाने पर केंद्रित होगा। इसके तहत 'भारत फ्यूचर सिटी' को एक नेट-ज़ीरो स्मार्ट सिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, उन्नत विर्निमाण , शोध और नवाचार के केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
श्री रेड्डी ने लोगों से राज्य के विकास में योगदान जारी रखने और तेलंगाना को देश के लिए एक रोल मॉडल बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
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