नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि विकसित दिल्ली की आधारशिला है। राजधानी में मेट्रो नेटवर्क का निरंतर विस्तार नागरिकों को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का तेजी से विकास हो रहा है। दिल्ली सरकार भी इसी दृष्टि के अनुरूप राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार एवं दिल्ली मेट्रो के साथ समन्वित रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की मेजेंटा लाइन की इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर खंड का भूमिगत विस्तार होगा। इस कॉरिडोर पर इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खां पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ सहित कुल 10 आधुनिक भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। इसके साथ ही इस लाइन पर सबसे अधिक इंटरचेंज और भूमिगत स्टेशन होंगे, जिससे राजधानी के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों के सार्वजनिक परिवहन से जुड़ने पर निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम, ईंधन की खपत एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को विश्वस्तरीय, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराना है ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ आवागमन की सुविधा मिल सके।

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