बैंकॉक , मार्च 13 -- थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री फीफाट रत्चाकिप्राकार्न ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश रूस से कच्चे तेल की खरीद के लिए बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका के हालिया बयान के बाद रूसी तेल निर्यात के बहिष्कार में ढील की जानकारी सामने आई है। इसके बाद थाईलैंड भी उन देशों में शामिल होगा जो रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर बातचीत शुरू करेंगे। यह वार्ता थाईलैंड के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से शुरू की जाएगी।
उपप्रधानमंत्री के अनुसार, फिलहाल थाईलैंड के पास पेट्रोलियम प्रसंस्करण के लिए लगभग 98 दिनों के बराबर कच्चे तेल का भंडार मौजूद है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण फारस की खाड़ी से आने वाली तेल आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है। सामान्य परिस्थितियों में थाईलैंड के कुल तेल आयात का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा पर्शियन गल्फ से आता है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत अन्य वैकल्पिक स्रोतों से प्राप्त होता है।
श्री रत्चाकिप्राकार्न ने बताया कि वह, थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कैबिनेट के अन्य सदस्य देश के लिए तेल आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत खोजने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 17 मार्च से थाईलैंड में पेट्रोल की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी, क्योंकि डीजल और आंशिक पेट्रोल पर दी गई 15 दिन की सब्सिडी राष्ट्रीय पेट्रोलियम फंड से समाप्त हो रही है। कीमतों में यह समायोजन साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा।
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