लंदन/टोक्यो , अगस्त 15 -- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा उत्तरी क्षेत्र विवादित एतोरोफू द्वीप का दौरा करने के बाद जापान सरकार में भारी आक्रोश है। जापान इस यात्रा के जवाब में रूस के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने और अपने राजदूत को अस्थायी रूप से वापस बुलाने जैसे कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है।
रूसी राष्ट्रपति के रूप में श्री पुतिन की इस विवादित द्वीप समूह की यह पहली यात्रा थी। उन्होंने गुरुवार को एतोरोफू (रूसी नाम इटुरुप) द्वीप पर एक कारखाने,अस्पताल और स्कूल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने सखालिन द्वीप में रूसी नौसैनिक अभ्यास का जायजा भी लिया था।
जापान की मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने श्री पुतिन के इस दौरे की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "पूर्णतः अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम जापान के ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संप्रभुता के रुख के खिलाफ है और इससे दोनों देशों के संबंधों को बहाल करने की संभावनाएं और जटिल हो गई हैं। विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने टोक्यो में तैनात रूसी राजदूत निकोले नोज़द्रेव को विदेश मंत्रालय में तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्षी नेता युइचिरो तमाकी सहित कई राजनेताओं ने 2010 की तर्ज पर रूस से जापानी राजदूत को वापस बुलाने की मांग की है।
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