मॉस्को , जनवरी 21 -- रूस के वैज्ञानिकों ने बड़ी तेजी से रोग पैदा करने वाले एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंज़ा वायरस के खिलाफ नयी वैक्सीन विकसित कर ली है।

रूसी विज्ञान संस्थान ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि नयी वैक्सीन वर्तमान में फैले हुए वायरस के वेरिएंट से मेल खाती है और मौजूदा एच5एन1 वायरस को निशाना बनाती है। संस्थान ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि यह इंसानों और जानवरों दोनों के लिये सुरक्षित है। इस वैक्सीन पर रिसर्च सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेटरनरी मेडिसिन और ए.ए. स्मरोडिंटसेव रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फ्लूएंजा ने मिलकर की है।

उल्लेखनीय है कि एच5एन1 दुनिया भर में फैल रहा है, जिससे पालतू और जंगली पक्षियों में बड़े पैमाने पर मौतें हो रही हैं और काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। संस्थान ने बताया कि पुराने टीके इसमें काम नहीं करते और विकसित हो चुके मौजूदा वायरस से मेल नहीं खाते।

वैज्ञानिकों ने इस समस्या की पहचान की और वैक्सीन से पहले मज़बूत वायरस को बनाने के लिये 'रिवर्स जेनेटिक्स' का इस्तेमाल किया। वैज्ञानिकों ने 2023 में एक मुर्गाबी से अलग किये गये एच5एन1 वायरस से 'हेमग्लूटिनिन' और 'न्यूरामिनिडेस' को एनकोड करने वाले जीन में बदलाव किये, ताकि पैथोजेनिसिटी (किसी जीव की बीमारी पैदा करने की क्षमता) कम की जा सके। इसके बाद एक सुरक्षित लैब में एच1एन1 वायरस के नमूने को जीन के साथ मिलाया गया। इससे एक नया और मजबूत वायरस बना जो मुर्गी के चूज़ों में बड़ी आसानी से फैलता है।

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