ढाका , अक्टूबर 29 -- बंगलादेश के ऐतिहासिक रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की पहली इकाई को तीसरे चरण तक आगे बढ़ने के लिए हरी झंडी मिल गयी है। इससे बंगलादेश के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए रास्ता साफ हो गया है।

बीएईआरए के अध्यक्ष मोहम्मद महमूदुल हसन ने 'द डेली स्टार' को बताया, "बी-2 अवस्था में अपेक्षित परिणाम मिलने के बाद हमने पहली इकाई को बिजली उत्पादन शुरू करने के लिए सी अवस्था में आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है।" उन्होंने कहा, "अब पहली इकाई में बिजली उत्पादन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पावर स्टार्टअप किया जायेगा।" उन्होंने बताया कि स्टार्टअप की तारीख परियोजना प्राधिकरण तय करेगा।

सी अवस्था के दौरान भाप बनाने, टरबाइन चलाने और बिजली पैदा करने के लिए रिएक्टर की शक्ति धीरे-धीरे बढ़ायी जायेगी। टरबाइन के प्रदर्शन पर करीबी नजर रखते हुए इकाई की उत्पादन क्षमता चरणबद्ध तरीके से बढ़ायी जायेगी। बिजलीघर का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए बीएईआरए पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, पहली इकाई में 11 अक्टूबर को पहली बार परमाणु विखंडन की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

न्यूक्लियर पावर प्लांट कंपनी ऑफ बंगलादेश लिमिटेड (एनपीसीबीएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. मोहम्मद जाहेदुल हसन ने कहा कि पावर स्टार्टअप के बाद इकाई में संचालन संबंधी परीक्षणों का व्यवस्थित कार्यक्रम चलाया जायेगा। इसका उद्देश्य नियमित बिजली उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ते हुए संयंत्र के सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन को सुनिश्चित करना है।

डॉ. जाहेदुल ने कहा कि इस चरण का एक प्रमुख पड़ाव जनरेटर को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक जोड़ना और स्थिर रूप से बिजली की आपूर्ति करना होगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक परीक्षणों तथा नियामकीय और कमीशनिंग संबंधी शर्तों को संतोषजनक ढंग से पूरा करने के बाद सी अवस्था का समापन इकाई को पायलट परिचालन चरण में ले जाने का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

रूपपुर परमाणु बिजलीघर के पूर्व परियोजना निदेशक और बंगलादेश परमाणु ऊर्जा आयोग (बीएईसी) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद शौकत अकबर ने कहा कि किसी परमाणु बिजलीघर के लिए सी अवस्था एक संक्रमणकालीन चरण होती है।

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