रुद्रप्रयाग , अप्रैल 10 -- आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन का व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इस दौरान जनपद के सात चिन्हित स्थानों पर विभिन्न संभावित आपदा स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर तंत्र की तैयारियों को परखा गया।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस अभ्यास में चिरबासा क्षेत्र में बादल फटने व फ्लैश फ्लड, बंसवाड़ा-चंद्रापुरी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर भूस्खलन और डोलियादेवी-फाटा क्षेत्र में वाहन दुर्घटना जैसी परिस्थितियों पर केंद्रित बचाव ऑपरेशन का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग की स्थिति में भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रबंधन का भी अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भूस्खलन से यात्रियों के फंसने, जवाडी बायपास पर बस दुर्घटना, और गुप्तकाशी-केदारनाथ हवाई मार्ग पर खराब मौसम के बीच हेलीकॉप्टर लापता होने जैसे बहु-स्थानिक आपदा परिदृश्यों पर कार्य किया गया। केदारनाथ ट्रेक एवं मंदिर क्षेत्र में रेड अलर्ट और भारी बर्फबारी के बीच फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की रणनीति का भी सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।

इस अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन सहित अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ भाग लिया। केदारनाथ धाम एवं चीरबासा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू का विशेष अभ्यास किया गया, ताकि बड़ी संख्या में लोगों के फंसने की स्थिति में उन्हें कम से कम समय में सुरक्षित निकाला जा सके।

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