रुद्रपुर , अक्टूबर 06 -- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार की उपस्थिति में मंगलवार को श्रम विभाग की ओर से उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ "श्रम संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने श्रम कानूनों की जगह केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए चार नए श्रम कानूनों पर चर्चा करना और उद्योग प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर इन्हें लागू करने में आने वाली चुनौतियों को दूर करना रहा।

कार्यक्रम में भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों के अनुपालन, प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और श्रमिकों को दी जा रही सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। ईपीएफओ और ईएसआईसी से जुड़े प्रावधानों व सेवाओं की जानकारी भी उद्योग प्रतिनिधियों को दी गई।

उद्योग प्रतिनिधियों ने श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े विषयों, व्यावहारिक कठिनाइयों और सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने बिंदुवार जानकारी देते हुए मार्गदर्शन दिया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस अवसर पर उद्योगों से श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों को नियमानुसार देय सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया। उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए श्रम विभाग, ईपीएफओ और ईएसआईसी के बीच बेहतर समन्वय व निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम को उद्योगों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद मजबूत करने तथा सौहार्दपूर्ण औद्योगिक वातावरण और बेहतर श्रम संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल बताया गया।

कार्यक्रम में उद्योग जगत की ओर से केजीसीसीआई के अशोक बंसल और रमेश मिड्डा तथा एसएडब्ल्यूएस की ओर से उत्तम सिंह जंतवाल और गजेंद्र सिंह ने भागीदारी की। श्रम सचिव ने रुद्रपुर स्थित ईएसआईसी अस्पताल का भी भ्रमण किया।

इस मौके पर उत्तराखंड के सचिव श्रम घर बाबू अन्दांकी, श्रम आयुक्त प्रकाश चंद्र दुम्का, अपर श्रम आयुक्त अनिल कुमार पेटवाल, उप श्रम आयुक्त के.के. गुप्ता और सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी सहित श्रम विभाग, ईपीएफओ और ईएसआईसी के अधिकारी मौजूद रहे।

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