रुद्रपुर , अक्टूबर 31 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में विदेश में नौकरी दिलाने और कार्यानुमति पत्र के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दुबई में नौकरी का झांसा देकर एक युवक से दो लाख रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने रुद्रपुर के एक इमिग्रेशन कार्यालय संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के के कार्यालय से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रुद्रपुर के वार्ड नंबर 21 निवासी मुजाहिद ने 29 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि प्रीत विहार निवासी अलीम खान ने आवास विकास स्थित अपने कार्यालय 'जेड ग्लोबल' के माध्यम से उसे दुबई में नौकरी दिलाने और कार्यानुमति पत्र पर विदेश भेजने का भरोसा दिया था। उसकी बातों में आकर मुजाहिद ने अपनी मोटरसाइकिल और जेवर तक बेच दिए और आरोपी को दो लाख रुपये दे दिए।

आरोप है कि रुपये लेने के बाद अलीम ने उसे कार्यानुमति पत्र के बजाय आगंतुक वीजा पर दुबई भेज दिया। इतना ही नहीं, वीजा को एडिट कर कार्यानुमति पत्र जैसा दिखाया गया। दुबई पहुंचने पर वीजा की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद युवक को वहां परेशानियों का सामना करना पड़ा और जुर्माना भी भरना पड़ा। किसी तरह भारत लौटने के बाद उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि अलीम ने अलग-अलग समय पर केवल 30 हजार रुपये लौटाए और शेष 1.70 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। उपनिरीक्षक धीरज टम्टा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अलीम खान (29) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। डायरी में दर्ज विवरण और पासपोर्ट के आधार पर उन लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका आरोपी के कार्यालय से संपर्क रहा है।

बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 10/24 भी बढ़ाई हैं। इसके अलावा आरोपी की होंडा एक्टिवा स्कूटी को मोटर वाहन अधिनियम के तहत जब्त किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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