नैनीताल , जुलाई 14 -- उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य के रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से मान्यता नहीं मिलने के मुद्दे पर राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर मंगलवार को गंभीर सवाल उठाए हैं।
श्री आर्य ने आज यहां जारी प्रेस नोट में कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बावजूद दोनों मेडिकल कॉलेज एनएमसी के न्यूनतम मानकों पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी, प्रयोगशालाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसका सीधा असर प्रदेश के युवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में केवल 13 फैकल्टी उपलब्ध हैं, जबकि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 85 फैकल्टी पदों के सापेक्ष केवल छह फैकल्टी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य और आधारभूत सुविधाएं भी अधूरी हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की भर्ती वर्षों से लंबित क्यों है, निर्माण कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं हुए, एनएमसी निरीक्षण से पहले कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
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