हरिद्वार/रुड़की , फ़रवरी 28 -- उत्तराखंड के रुड़की में 85वें अखिल भारतीय ज्योतिष धर्म अध्यात्म एवं सनातन महाकुंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ज्योतिष को भारत की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक पद्धति बताते हुए कहा कि आदिकाल से भारत खगोल और ज्योतिष विद्या के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करता आया है।

डॉ. निशंक ने कहा कि आधुनिक भौतिकवादी युग में जहां नए-नए आविष्कार हो रहे हैं, वहीं हमें अपनी प्राचीन ज्योतिष प्रणाली को भी जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य का ज्ञान दिया और यहां के महान गणितज्ञों व खगोलविदों ने वैज्ञानिक एवं भौगोलिक दृष्टि से दुनिया को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण एवं पंचांग संबंधी मतभेद कभी-कभी सामने आते हैं, लेकिन विद्वान ज्योतिषाचार्य आपसी समन्वय से उनका समाधान निकाल लेते हैं। आज के समय में भी ज्योतिष का महत्व कम नहीं हुआ है।

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