खरगोन , फरवरी 27 -- मध्य प्रदेश की इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने खरगोन जिले में ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिनस पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश सहाय ने बताया कि दल ने गुरुवार रात को जिला पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी राजेश पवार को रिश्वत की राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा है। शिकायतकर्ता राजेश पंवार निवासी ग्राम बिष्टान जिला खरगोन ठेकेदारी का कार्य करते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड और चेक डैम निर्माण के लगभग 10 लाख रुपये के कार्य के लिए 20 जनवरी को ठहराव प्रस्ताव की फाइल संबंधित लेखाधिकारी को सौंपी थी।
आरोप है कि फाइल प्रस्तुत करते ही चौहान ने 10,000 रुपये ले लिए और कहा कि सीईओ मैडम के पांच प्रतिशत और मेरे दो प्रतिशत लगेंगे। दस लाख रुपये के काम पर पांच प्रतिशत के हिसाब से 50 हजार मैडम का कमीशन कहते हुए कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई। लोकायुक्त पुलिस ने इस प्रकरण की जांच पड़ताल की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया। शिकायत में यह भी बताया गया कि दो नई फाइलों की स्वीकृति के लिए भी 10,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की गई थी। इसके बाद ट्रैप दल गठित कर आरोपी को खरगोन में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
इस संबंध में एसपी ने शुक्रवार को कहा कि विवेचना में यदि सीईओ की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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