पटना, जुलाई 22 -- िहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में बुधवार को एक पूर्व अंचलाधिकारी को चार वर्षो के सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद नवादा जिले में रोह के तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।

मामले के विशेष लोक अभियोजक रितेश कुमार ने बताया की ब्यूरो के अधिकारियों ने वर्ष 2014 में अभियुक्त पूर्व अंचलाधिकारी को एक स्थानीय व्यक्ति से उसके रिश्तेदार के मकान में छज्जा, खिड़की और दरवाजा बनवाने के लिए चार हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में 11 गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था। अभियुक्त पूर्व अंचलाधिकारी जमानत पर था। दोषी करार देने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में ले लिया और फिर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित