नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- जयपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने रिश्वतखोरी मामले में पश्चिम मध्य रेलवे (डब्लूसीआर) के पूर्व मुख्य कार्यालय अधीक्षक को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी है।

अदालत ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में तैनात रहे आरोपी जालंधर योगी को यह सजा सुनायी और इस अपराध के लिए उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

सीबीआई ने यह मामला 2020 में दर्ज किया था। आरोप था कि जालंधर योगी ने किये गये काम से संबंधित लंबित अंतिम बिल पास करने के बदले शिकायतकर्ता से 11,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की यह राशि उनके पास से बरामद कर ली गयी थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित