मुंबई , मई 28 -- रिलायंस समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक लाख से ज्यादा नयी भर्तियां कीं और कर तथा शुल्कों के रूप में सरकारी खजाने में 2.16 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
कंपनी की गुरुवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि 31 मार्च 2026 तक रिलायंस के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 4,19,911 हो गयी। विशेष रूप से एआई, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नये रोजगार दिये गये। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोजगार के मोर्चे पर कंपनी की अगली बड़ी उम्मीद हरित ऊर्जा कारोबार से है। जामनगर में बन रहा धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अर्थव्यवस्था में दो लाख से ज्यादा हरित रोजागार पैदा करेगा।
रिलायंस ने वित्त वर्ष के दौरान कर्मचारियों पर 30,318 करोड़ रुपये खर्च किये, जो पिछले वित्त वर्ष के 28,559 करोड़ रुपये से 6.2 प्रतिशत अधिक है। कंपनी को लगातार छठे साल 'ग्रेट प्लेस टू वर्क' का तमगा भी मिला। बीते वित्त वर्ष में नेतृत्व पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 14.7 प्रतिशत रही, जबकि कमाई से सीधे जुड़े कामों में यह हिस्सेदारी 30.6 प्रतिशत रही। कंपनी के ग्रेजुएट इंजीनियर प्रशिक्षु कार्यक्रम के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 53,900 पंजीकरण हुए।
कंपनी ने टैक्स, ड्यूटी, लेवी और सरकार को किये गये अन्य भुगतान के रूप में 2.16 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह योगदान 2,10,269 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 2.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। पिछले 10 साल में कंपनी ने इस मद में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये हैं।
आलोच्य वित्त वर्ष में कंपनी ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पर 2,248 करोड़ रुपये खर्च किये, जो पिछले वित्त वर्ष के 2,156 करोड़ रुपये से 4.3 प्रतिशत अधिक है। इन पहलों ने अब तक देशभर में 9.7 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को बदला है। ये काम ग्रामीण बदलाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में किये गये हैं। रिलायंस फाउंडेशन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत हर साल 5,100 छात्रों को सहायता दी जा रही है।
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