नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री विकास योजना (पीएमजेवीके) के तहत निगरानी ऐप का शुभारंभ किया जो देश भर में बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने में योगदान देता है।

श्री रिजिजू ने बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय 'चिंतन शिविर' में आज पीएमजेवीके योजना के तहत निगरानी ऐप का शुभारंभ किया, जो भारत भर में बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने में योगदान देता है। उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के हज रिस्ट बैंड और एआई चैटबॉट का भी शुभारंभ किया।

उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय में चिंतन शिविर के आयोजन के लिए मंत्रालय की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि नालंदा भारत की प्राचीन सभ्यतागत विरासत का प्रतीक और उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र है।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चिंतन शिविर की चर्चाओं से केंद्र-राज्य समन्वय को सुव्यवस्थित करने, हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और जमीनी स्तर पर सफल कार्यान्वयन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विकास योजना (पीएमजेवीके) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसने देश भर के अल्पसंख्यक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दिया है। मंत्रालय की पीएमविकास, एनएमडीएफसी, उम्मीद केंद्रीय पोर्टल और हज पहल अल्पसंख्यक कल्याण और विकास में योगदान दे रही हैं।

नागालैंड के विधायक और अल्पसंख्यक मामलों के सलाहकार इम्कोंग मार ने भारत में अल्पसंख्यक कल्याण की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागालैंड के अल्पसंख्यक समुदायों की सांस्कृतिक और जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे और कौशल विकास में आई कमियों को दूर करने के लिए पीएमजेवीके और पीएमविकास योजनाओं की सराहना की।

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