जयपुर , जुलाई 23 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरूण चतुर्वेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित पूरे विपक्ष पर देश में अराजकता और हिंसक गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे देश में आज अराजकता का माहौल बन गया हैं।

डॉ चतुर्वेदी ने गुरुवार को यहां प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने आज अराजकता का माहौल बना रखा है। उन्होंने कहा कि सदन की और प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठकर धरना देना निदंनीय है, कांग्रेस का आचरण मर्यादा के खिलाफ है। परीक्षा लीक जैसे गंभीर विषय पर श्री गांधी सहित संपूर्ण विपक्ष सदन में चर्चा करना ही नहीं चाहता बल्कि कांग्रेस का मकसद सिर्फ और सिर्फ हंगामा खड़ा करना है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि श्री गांधी हुदड़ग करने और अराजकता का माहौल बनाना चाहते है।

उन्होंने कहा कि श्री गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि विपक्ष दंगाई, आंदोलनकारियों, हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने वाले और अराजक तत्वों के साथ है या फिर लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले तथा कानून सम्मत कार्य करने वालों के साथ। कांग्रेस नेता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में अध्यादेश फाड़ने का कार्य किया था और आज लोकतंत्र के चिथडे-चिथड़े करने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि देश में पेपरलीक के नाम पर राजनीति की जा रही है, सिस्टम को चुनौती देने का कार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं, श्री गांधी के साथ संपूर्ण विपक्ष प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ शर्मसार करने वाला कृत्य कर रहे है। आजादी के बाद से आज तक किसी भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास पर धरना नहीं दिया, यह पहली बार ऐसा घिनौना कृत्य श्री गांधी ने किया, इसकी घोर भर्त्सना की जाय वह भी कम है। उन्होंने कहा कि श्री गांधी लगातार और बार बार सदन की गरिमा को तार तार कर रहे है।

उन्होंने कहा कि पेपरलीक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में चर्चा करने, फार्स्ट ट्रैक से जांच कराने को तैयार है लेकिन विपक्ष तो यह चाहता ही नहीं है। सदन में बहस करनी होगी तो विपक्ष की सरकार वाले राज्यों के राज भी खुलेंगे। ऐसे में वे पेपरलीक या युवाओं के भविष्य पर चर्चा करना ही नहीं चाहते। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व भी लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है। आज जो पेपरलीक पर मुखर हो रहे है, ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समय प्रदेश के 19 पेपर लीक हुए थे, उस वक्त ना तो किसी ने इस्तीफा दिया और ना ही किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच की गई। इसके विपरीत गहलोत सरकार अपने ही तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ उतर आई थी। श्री पायलट ने अजमेर से जयपुर तक पैदल मार्च निकाला तो श्री गहलोत ने क्या क्या नहीं बोला था। ऐसे में यह स्पष्ट है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ दिखावा और राजनीति कर रही है, छात्रों के भविष्य से इन्हें कोई लेना देना ही नहीं है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित