मुंबई , जुलाई 26 -- महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक विवाद में राहुल गांधी पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

श्री सपकाल ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के सप्ताहों के विरोध-प्रदर्शन और लंबी भूख हड़ताल के बाद श्री प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उठाई थी।

उन्होंने युवाओं और विपक्ष के एकजुट होने से सरकार को जनता के दबाव के आगे झुकने का दावा किया। श्री सपकाल ने देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों से सरकार के अहंकार के टूटने की बात कही। श्री सपकाल ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए नीट परीक्षा के पेपर लीक को एक ऐसे नेटवर्क के जरिए होने की बात कही जिससे कुछ कोचिंग क्लास को फायदा पहुंचा।

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इस डर से श्री प्रधान का बचाव करना जारी रखा कि कहीं पेपर लीक का रैकेट बेनकाब न हो जाए। श्री सपकाल ने नैतिक आधार पर मंत्रियों के इस्तीफे की परंपरा की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसी जवाबदेही पूर्व रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ी थी, जबकि मौजूदा सरकार अहंकार और अड़ियल रवैये के लिए जानी जाती है।

उन्होंने दावा किया कि विरोध-प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री की अभूतपूर्व आलोचना हुई और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी इस ओर गया, जिससे उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा।

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