सुलतानपुर , अक्टूबर 06 -- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के दायर मानहानि केस में मंगलवार को सुनवाई हुई।

परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने आज बहस पूरी कर ली है। वहीं राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने आज बहस शुरू की लेकिन पूरी नहीं हो पाई।अब एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले में शेष बहस के लिए सात अक्टूबर की तिथि तय की है।

ज्ञातव्य है कि राहुल गांधी पर वर्ष 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ बेंगलुरू में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्र ने मानहानि का परिवाद कोर्ट में दायर किया था। 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को विचारण के लिए अदालत में तलब किया था। लगातार वारंट के बाद राहुल गांधी ने बीते 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर होकर 25-25 हजार के दो मुचलको पर जमानत कराई थी। साथ ही 26 जुलाई 2024 को अपना बयान दर्ज कराया था। बीते 20 फ़रवरी 2026 को दोबारा राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए और सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था।

इस दौरान परिवादी विजय मिश्र ने राहुल गांधी की वायस सैम्पल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ दायर निगरानी अर्जी भी सेशन कोर्ट से खारिज कर दी गई थी। राहुल गांधी के वायस सैम्पल का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट व सेशन कोर्ट से खारिज होने के आदेश को चुनौती देने वाली परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र की याचिका हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी है।

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