चंडीगढ़ , सितंबर 01 -- पंजाब कांग्रेस के अनूसूचित जाति (एससी) विभाग ने मंगलवार को लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर दलितों के खिलाफ कथित जातिगत भेदभाव और अत्याचार के मुद्दे उठाने वालों को दबाने के लिए बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री राज कुमार वेरका ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने तथा बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर राजनीतिक डराने-धमकाने और प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण है। श्री वेरका ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल पर 'शुद्धिकरण' की रस्म किये जाने की घटना ने भाजपा और आरएसएस की दलितों के प्रति सोच को उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि दलित नेता द्वारा संबोधित कार्यक्रम स्थल का कथित 'शुद्धिकरण' केवल एक व्यक्ति या समुदाय का अपमान नहीं, बल्कि डॉ. आंबेडकर, संविधान और लोकतांत्रिक समानता के सिद्धांतों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कथित जातिगत भेदभाव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा दलितों, महिलाओं, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को लेकर विभाजनकारी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर का संविधान समानता, न्याय, स्वतंत्रता और प्रत्येक नागरिक की गरिमा की गारंटी देता है तथा कांग्रेस इन संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
श्री वेरका ने कहा कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और जातिगत भेदभाव तथा अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर लोकतांत्रिक संस्थानों तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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