चंडीगढ़ , सितंबर 04 -- पंजाब कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की ओर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कथित द्वेषपूर्ण प्राथमिकी के विरोध में शुरू किया गया धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए श्री गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तत्काल और बिना शर्त वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक मामला वापस नहीं लिया जाता और दलित समुदाय को कथित रूप से अपमानित करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को पंजाब कांग्रेस भवन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे राज्य के प्रत्येक ब्लॉक और जिले तक ले जाकर व्यापक आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल कथित रूप से जातिगत विभाजन और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कांग्रेस को संविधान, धर्मनिरपेक्षता, समानता और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़ा बताया।
नेताओं ने दलित नेताओं के सार्वजनिक संबोधनों के बाद कथित तौर पर किये गये 'शुद्धिकरण' और अन्य कथित भेदभावपूर्ण अनुष्ठानों की भी निंदा की। उन्होंने इसे संविधान और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
आंदोलन का नेतृत्व पंजाब कांग्रेस के प्रभारी राष्ट्रीय समन्वयक सुधीर चौधरी, सह-प्रभारी राष्ट्रीय समन्वयक मणि राम और पंजाब कांग्रेस एससी विभाग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह लक्की पाखो के मार्गदर्शन में किया गया।
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