नयी दिल्ली , मार्च 9 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लोक सभा में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर निर्धारित चर्चा करने के बजाय दूसरा मुद्दा उछाल कर कार्यवाही बाधित करने के कांग्रेस के रवैये की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह "विपक्षी पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी तरह से विफल और दिशाहीन हो चुकी है।"श्री गोयल ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक समेत विपक्षी गठबंधन के सदस्य दल अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस से दूर हो गये हैं। अध्यक्ष पर सदन का पूरा भरोसा है और कांग्रेस उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अब चर्चा से भाग रही है। सांसद संविद पात्रा और अनिल बलूनी भी श्री गोयल के साथ थे।

श्री गोयल ने कहा , 'आज यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस बहस से भाग रही है। कांग्रेस के आग्रह पर (अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का) नोटिस मंजूर किया गया था। अविश्वास प्रस्ताव ठीक से लिखा नहीं गया था। उसे दुरुस्त कर के कांग्रेस के साथ चर्चा के बाद उस पर बसह के लिए आज की तारीख तय हुई थी। पर वे आज दूसरा प्रस्ताव (पश्चिम एशिया का मुद्दा) लेकर आ गये ।"भाजपा नेता ने कहा, ' जब से राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने हैं, उनके मन में शायद संसद चलाने की इच्छा ही नहीं है। वह सदन में व्यवधान पैदा करने की योजना बना कर आते हैं, बेबुनियाद विषयों पर सदन का समय खराब करते हैं। तख्ती लाते हैं। वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में विफल हैं। ना तो संविधान समझते हैं, ना नैतिकता समझते हैं और ना ही उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं की समझ है।"श्री गोयल ने कहा कि आज एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होनी थी, पर वह (श्री गांधी) उससे भागने की सोच कर आये थे। उन्होंने कहा , ' एक प्रस्ताव बहस के लिए मंजूर किया गया था लेकिन उसी समय वे एक दूसरा प्रस्ताव लेकर आ गये।"उन्होंने कहा, ' श्री गांधी को पता है कि अध्यक्ष में सदन का पूरा विश्वास है। विपक्षी गठबंधन के लोग इस चर्चा से भाग रहे हैं। विपक्षी गठबंधन में तोड़फोड है । वहां कोई कांग्रेस के समर्थन के लिए तैयार नहीं है। इस लिए वह एक बहस के लिए स्वीकृत प्रस्ताव की बजाय दूसरा प्रस्ताव ला कर चर्चा से भाग रहे हैं।"श्री गोयल ने कहा, 'उनके (श्री गांधी के) काम करने के तरीके से ये स्पष्ट होता है कि कांग्रेस दिशाहीन है, पूरी तरह से एक विफल विपक्षी दल है।"वाणिज्य मंत्री ने कहा, " मैं समझाता हूं कि उनके मित्र दल द्रमुक और तृणमूल भी यह बात समझने लगे हैं। इस लिए आज की बहस में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव पर बहस से भागने को मजबूर हो गयी।"उल्लेखनीय है कि लोक सभा अध्यक्ष श्री बिरला को पद से हटाने के लिए कांग्रेस के सदस्य आर मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्लू रवि के नोटिस पर चर्चा आज की कार्यसूची शामिल थी। कांग्रेस ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा के लिए एक कार्यस्थगन प्रस्ताव ला कर उस पर हंगामा किया जिससे सदन में कोई काम काज नहीं हो सका और कार्यवाही बीच में ही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हंगामे के बीच ही सदन में पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार की ओर से एक वक्तव्य दिया।

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