जयपुर , अगस्त 31 -- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराये जाने की निंदा की है और इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता के अहंकार और दमनकारी मानसिकता का परिचायक बताया है।

श्री जूली ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद सभास्थल का शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा पर गंभीर प्रहार था और जब श्री राहुल गांधी ने इस अपमान के खिलाफ आवाज़ उठायी, तो उल्टा उन्हीं पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गयी जो यह बताता है कि दलितों की आवाज़ उठाने वालों को परेशान करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अपमान की शिकायत को अनसुना करना और न्याय मांगने वालों पर मुकदमे दर्ज कराना सत्ता के अहंकार और दमनकारी मानसिकता का परिचायक है। यह भाजपा के घमंड और तानाशाही की पराकाष्ठा है। आखिर सरकार भेदभाव रोकना या उसके खिलाफ उठने वाली आवाज़ को दबाना चाहती है।

श्री जूली ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हमेशा चाहते हैं कि दलितों के साथ छुआछूत और भेदभाव होता रहे और जो इसके खिलाफ बोले, उसे प्रताड़ित किया जाए। देश के गरीबों, दलितों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों का सम्मान किसी सरकार की मेहरबानी नहीं, उनका संवैधानिक अधिकार है तथा इस अधिकार पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दमन की इस नीति से डरने वाली नहीं है और देश के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज़ बुलंद रखेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दमन की इस नीति से डरने वाली नहीं है और देश के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज़ बुलंद रखेगी।

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