नई दिल्ली , जुलाई 21 -- कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अचानक धरने पर बैठने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
श्री गांधी के साथ धरने में शामिल हुये समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने श्री गांधी, श्री अखिलेश यादव तथा हिरासत में लिये गये इन सभी नेताओं को कुछ घंटें बाद रात में रिहा कर दिया।
श्री गांधी और कांग्रेस के कई अन्य प्रमुख नेता आज अपरान्ह अचानक प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गये। इस नाटकीय घटनाक्रम में श्री गांधी को हिरासत में लिये जाने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने धरना स्थल पर जा कर उनसे धरना समाप्त करने के बारे में बातचीत की थी। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस श्री गांधी तथा उनके साथ धरने में शामिल हुए समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को वहां से हटा कर पुलिस वाहन में अन्यत्र ले गयी। इस दौरान श्री गांधी ने उन्हें हटाये जाने का प्रतिरोध किया तो पुलिसकर्मी उन्हें उठा कर वाहन तक ले गये।
कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा पार्टी के अन्य नेताओं को भी पुलिस वहां से हटा कर अपने वाहनों में ले गयी।
करीब तीन घंटे बाद श्री गांधी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया गिया जबकि श्रीमती वाड्रा और अन्य नेताओं को मंदिर मांग थाने ले जाया गया था यहां उनसे मिलने कांग्रेस संसदीय दल की नेता श्रीमती सोनिया गांधी भी पहुंची थी। इन सभी नेताओं को वहां से रिहा कर दिया गया।
धरने के दौरान श्री गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रश्न-पत्र लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ राजधानी में पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने के लिए अपने धरने में शामिल होने का आह्वान किया था।
श्री गांधी तथा पार्टी के अन्य नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से मार्च करते हुए लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुंचे थे।
श्री जितेंद्र सिंह ने बाद में एक बयान में कहा कि विपक्ष के नेता श्री गांधी ने उसके साथ बातचीत के नीट की परीक्षा और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने की मांग की जिसे सरकार ने मान लिया था लेकिन बाद में उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी शर्त रख दी।
गौरतलब है कि धरने पर बैठे कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को संसद भवन से बाहर प्रदर्शन के दौरान युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को युवाओं के भविष्य पर हमला बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग की।
श्री गांधी को जबरन धरना स्थल से उठाने को कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर पुलिस कार्रवाई का एक फोटो शेयर करते हुए लिखा "मोदी की तानाशाही देखिए। विपक्ष के नेता के साथ ऐसा सुलूक किया जा रहा है। शर्मनाक!" उन्होंने कहा कि यह भी नहीं बताया जा रहा है कि श्री गांधी को हिरासत में लेकर किस थाने में ले जाया जा रहा है।
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