, Sept. 18 -- राज्यपाल ने टेलीविजन और सिनेमा में राही मासूम रजा के योगदान को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1988 में बी.आर. चोपड़ा के धारावाहिक 'महाभारत' के संवादों ने करोड़ों भारतीयों के दिलों में जगह बनाई। उन्होंने कहा कि 'मैं समय हूं' जैसे शब्द आज भी लोगों की स्मृतियों में बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गंगोली के एक मुस्लिम लेखक ने करोड़ों भारतीयों के लिए 'महाभारत' लिखा और उनके लिए यह भारत की साझा विरासत थी।
श्री हसनैन ने कहा कि राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें याद करने के साथ-साथ उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है। युवाओं को 'आधा गांव' और 'टोपी शुक्ला' जैसे उनके उपन्यास पढ़ने चाहिए तथा उनकी शायरी, फिल्मों और 'महाभारत' के संवादों को भी समझना चाहिए।
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