वाराणसी , अगस्त 31 -- नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच काशी में संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को बाढ़ राहत शिविर प्राथमिक विद्यालय, सरैंया और यूनाइटेड पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया।

उन्होंने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय पार्षद एवं नायब तहसीलदार से बाढ़ के हालात तथा शिविर में रह रहे लोगों के भोजन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि राहत शिविरों में आने वाले लोगों को भोजन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सरैंया परिसर में टेंट लगवाने, शौचालयों की संख्या बढ़ाने तथा पार्षद की मांग पर पर्याप्त नावों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और अध्यापकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कर उन्हें नियमित रूप से पढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि शाम तक निचले इलाकों के कुछ और लोगों के राहत शिविर में आने की संभावना है। गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने आवश्यकता के अनुसार अन्य बाढ़ राहत शिविरों को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व, चिकित्सा, पशुपालन और नगर निगम समेत सभी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही राहत शिविरों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रतिदिन पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

यूनाइटेड पब्लिक स्कूल स्थित बाढ़ राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आसपास के संभावित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और शिविर में आए लोगों से प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए।

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