पटना , सितंबर 07 -- ाज्य में बाढ़ संकट के बीच राहत भरी खबर भी आने लगी है। कई प्रमुख नदियों का जलस्तर स्थिर है और कुछ नदियों का पानी घटने लगा है। मुख्य रूप से गंगा, गंडक, कोसी और सोन नदी (इंद्रपुरी बराज) का जलस्तर कई स्थानों पर या तो स्थिर है या फिर तेजी से घट रहा है। इस मामले में आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से राहत और बचाव कार्यों में तत्परता लाते हुए प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुबह-शाम का भोजन, ड्राई राशन पैकेज और पॉलीथिन शीट आदि का वितरण किया जा रहा है। साथ ही आवागमन में सहूलियत की दिशा में नावों की संख्या में भी वृद्धि की गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में वाल्मीकिनगर बराज के पास गंडक का जलस्राव सोमवार को सुबह 10 बजे एक लाख 21 हजार 500 क्यूसेक दर्ज किया गया एवं इसकी प्रवृत्ति स्थिर है। इसी तरह कोसी में वीरपुर बराज के पास नदी का जलस्राव एक लाख 98 हजार 150 क्यूसेक और सोन नदी (इन्द्रपुरी बराज) का जलस्राव एक लाख 33 हजार 134 क्यूसेक दर्ज किया गया। इन दोनों नदियों की प्रवृत्ति घटने की है।

विभाग के अनुसार डुमरिया घाट एवं हाजीपुर में गंडक, बलतारा एवं कुरसैला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर एवं मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती एवं दरौली एवं गंगपुर में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण राज्य के 13 जिलों, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगू सराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया एवं अरवल के 74 प्रखंडों में 423 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत लगभग 27.01 लाख जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हुई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 226 कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है एवं अबतक लगभग 3.75 लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्य भर में 04 राहत शिविर का संचालन हो रहा है जहां 2505 से भी ज्यादा बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन, चिकित्सा इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने के उद्देश्य से अब तक 81 हजार 100 से भी अधिक पॉलीथीन शीट एवं 19 हजार ड्राई राशन पैकेट का वितरण किया जा चुका है। साथ ही आबादी निष्क्रमण एवं आवागमन को सुगम बनाने के लिए कुल 1602 सरकारी नावों का परिचालन कराया जा रहा है।

संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किए जाने के उद्देश्य से एसडीआरएफ की 27 एवं एनडीआरएफ की 10 टीमों की तैनाती विभिन्न जिलों में की गई है। बिहार मौसम सेवा केन्द्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा एवं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति की सतत निगरानी में जुटा हुआ है।

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