चेन्नई , सितंबर 15 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की युवा पीढ़ी को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और देश की रक्षा करने का आह्वान करते हुए मंगलवार को यहां कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और समृद्धि से घर परिवार की सुरक्षा और समृद्धि जुड़ी है।

श्रीमती सीतारमण यहा एमजीआर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं जहां विद्यार्थी और प्राध्यापक-दोनों उपस्थित थे। वित्त मंत्री ने कहा, '' परिस्थिति कैसी ही क्यों न हो, हमें अपने देश के लिए हार नहीं माननी है। कुछ देशों में लोगों को बेदखल किया जा रहा है और उन्हें उनकी दुर्दशा से बचाने वाला नहीं है।"उन्होंने विश्वविद्यालय के स्नातकों से अपनी-अपनी जगह अपने समाज और देश का नेतृत्व करने, उसकी रक्षा करने के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा, ''यदि राष्ट्र बचेगा तभी घर भी सुरक्षित बचेगा। मैं विद्यार्थियों से अपना दायित्व संभालने की प्रतिज्ञा लेने की अपील करती हूं। राष्ट्र को प्राथमिकता पर रखें, हमारी समृद्धि के लिए देश का समृद्ध होना आवश्यक है।"दुनिया में चल रहे बड़े संघर्षाें और उनके दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश को स्थिरता प्रदान की और जनता को वैश्विक परिस्थितियों को प्रतिकूल प्रभाव से बचाये रखते हुए भी चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है।

श्रीमती सीतारमण ने आज की दुनिया के हालात की पहले और दूसरे महायुद्ध के हालात से तुलना करते हुए कहा कि इस समय दुनिया में तीन-तीन बड़ी लड़ाइयां, रूस-उक्रेन, इजरायल-ईरान और ईरान तथा अमेरिका और खाड़ी के अन्य देशों के बीच चल रही हैं। " इस वैश्विक अनिश्चितता के बीच हमारा देश अपनी एक साख मजबूती के साथ अलग पहचान रखता है। यही नहीं, हम 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कनाडा और अमेरिका की अपनी हाल की यात्राओं को याद करते हुए कहा कि हाल में वह दो सप्ताह उत्तरी अमेरिका की यात्रा पर थीं। वहां उनसे हर जगह भारत की वृद्धि और मजबूती के बारे में पूछा जाता रहा। उन्होंने -आश्चर्य था कि इतनी विशाल आबादी वाला देश भारत 7.8 प्रतिशत की दर से आर्थिक वृद्धि कैसे कर ले जा रहा है जबकि दुनिया मुश्किलों से जूझ रही है।

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