नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि युवा लेखक राष्ट्र निर्माण में प्रवासी भारतीयों के योगदान, भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक भारत के निर्माताओं जैसे विषयों पर पुस्तकें लिख रहे हैं।
श्री प्रधान ने आज यहां प्रधानमंत्री संग्रहालय में पीएम-युवा 3.0 (प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना) के तहत चयनित 43 युवा लेखकों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर श्री प्रधान ने युवा लेखकों को उनका चयन किए जाने पर बधाई दी और उन्हें सार्थक पुस्तकें लिखने के लिए मेंटरशिप अवधि का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जो देश के युवाओं को पढ़ने, लिखने और ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने शोध सामग्री तक पहुंच के महत्व पर जोर दिया और निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (एनबीटी) के माध्यम से भौतिक और डिजिटल दोनों संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखकों को 'एक राष्ट्र, एक सदस्यता' (ओएनओएस) पहल के तहत संसाधनों तक पहुंच प्रदान की जानी चाहिए। उनके अकादमिक और शोध संबंधी सहयोग को पुख्ता करने के लिए, उन्होंने सुझाव दिया कि चयनित लेखकों को अपने-अपने क्षेत्रों के केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध किया जाए ताकि वे अपनी किताबों को तैयार कर सकें।
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