देहरादून , जून 12 -- ओलंपियन और भारत के पूर्व निशानेबाज निशानेबाज (शूटर) पद्मश्री जसपाल राणा का राष्ट्रीय राजधानी के एक अस्पताल में शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान निधन होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।
श्री धामी ने कहा कि श्री राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।
उल्लेखनीय है कि दिवंगत राणा पिछले कई दिनों से हृदय की धमनियों में रक्त के थक्के जमने जैसी समस्या से ग्रस्त थे। इसे ठीक करने के लिए उनकी सफल शल्य क्रिया हुई थी। बताया जाता है कि उनकी स्थिति सुधर रही थी लेकिन आज सुबह उनकी एक बार फिर तबियत खराब हुई, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पद्मश्री राणा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक भारतीय स्टार शूटर मनु भाकर को प्रशिक्षित करना रहा। उनके मार्गदर्शन में मनु भाकर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और 2024 पेरिस ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। फरवरी 2025 से राणा भारतीय टीम के 25 मीटर पिस्टल वर्ग के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके अनुभव और तकनीकी दक्षता का लाभ देश के युवा निशानेबाजों को मिल रहा था। उत्तराखंड के मूल निवासी श्री राणा के पिता नारायण सिंह राणा सेना में सेवाएं देने के अलावा, मशहूर निशानेबाज रहे हैं।
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