श्रीनगर , मार्च 15 -- जम्मू- कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग ने शीत जल मत्स्य पालन पर अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को आयोजित किया और उसमें मछली पालन की संभावनाओं पर गहरा विचार विमर्श किया गया।

मत्स्य पालन मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में रविवार को यह जानकारी दी गयी। इसमें बताया गया है कि यहां के एसकेआईसीसी में आयोजित हुए इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिमालयी और शीत जल क्षेत्रों में मत्स्यपालन की असीम संभावनाओं का सतत विकास और समृद्धि के लिए दोहन करना था। सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के मत्स्यपालन सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने की।

सम्मेलन के दौरान आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में 17 प्रमुख संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और निजी उद्यमों ने भाग लिया। इसमें कश्मीर ट्राउट, केंद्रीय शीत जल मत्स्यपालन अनुसंधान संस्थान, और नाबार्ड जैसे संगठनों ने नवीन प्रौद्योगिकियों और गुणवत्तापूर्ण सामग्रियों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ट्राउट फीड कंपनियाँ और नवीन जलीय कृषि मॉडल रहे, जो पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप तैयार किए गए हैं।

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