नैनीताल , फरवरी 07 -- राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल पर शस्त्रों का लाइसेंस नहीं किए जाने पर उत्तराखंड के नैनीताल जिला प्रशासन ने 35 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार केंद्र सरकार के राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल पर शस्त्र धारकों की ओर से शस्त्रों का पंजीकरण किया जाना अनिवार्य है।

जनपद के सभी लाइसेंस धारकों को केन्द्रीय पोर्टल पर पंजीकरण के लिए समय-समय पर सूचना एवं पर्याप्त अवसर दिए गए। इसके बावजूद शस्त्र लाइसेंस धारकों की ओर से इस प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया। इसे शस्त्र अधिनियम एवं शासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन माना गया।

उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) पर पंजीकरण न पाए जाने पर जिले भर के 35 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।

श्री रयाल ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस केवल अधिकार नहीं बल्कि एक गंभीर कानूनी दायित्व है। सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा अवैध शस्त्रों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।

उन्होंने सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों से अपील की है कि लाइसेंस निरस्तीकरण से बचने के लिए वे अपने शस्त्र लाइसेंस का समय से पंजीकरण और नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें।

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