रायपुर , मार्च 14 -- राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ अब मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए विशेष 'बी कॉरिडोर' विकसित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में इस योजना की शुरुआत सबसे पहले नेशनल हाईवे-53 के आरंग-सरायपाली मार्ग से की जाएगी।

एनएचएआई के अनुसार आगामी चरणों में नेशनल हाईवे-30 रायपुर-धमतरी और नेशनल हाईवे-130 कटघोरा-पथरापाली मार्ग पर भी ऐसे कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत राजमार्गों के किनारे विभिन्न प्रजातियों के फूलदार और देशी पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, ताकि मधुमक्खियों को पूरे वर्ष पर्याप्त पराग और मधुरस उपलब्ध हो सके। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

निर्देश मिलने के बाद एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में धमतरी, अभनपुर, रायपुर और बिलासपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टरों की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी, जिसमें योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा तय की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक बी कॉरिडोर को गांवों से औसतन 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया जाएगा, ताकि स्थानीय आबादी को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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