नयी दिल्ली , सितंबर 21 -- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक्सप्रेसवे को छोड़कर अन्य नियंत्रित प्रवेश-निकास वाले तेज रफ्तार राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण तथा सुरक्षा के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं जिनमें राजमार्गों की चौड़ाई, लेन, प्रवेश-निकास और सुरक्षा के समान मानक तय किये गये हैं।
एनएचएआई ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ये दिशा-निर्देश चार और छह लेन वाले ग्रीनफील्ड तथा ब्राउनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे। इन दिशा निर्देशा का उद्देश्य राजमार्गों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में एकरूपता लाना, सड़क सुरक्षा मजबूत करना और यातायात को सुगम बनाना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के इन दिशा-निर्देशों में यातायात व्यस्तता के आधार पर राजमार्ग की चौड़ाई और लेन तय की गई है। इन दिशा निर्देशों में 15 हजार तक वाहनों वाले चार लेन के राजमार्ग की चौड़ाई 60 मीटर होगी जबकि 15 हजार से 25 हजार वाहनों वाले चार लेन के राजमार्ग और छह लेन की संरचनाओं वाले गलियारों की चौड़ाई 70 मीटर होगी। इसी तरह 25 हजार से 40 हजार वाहनों वाले छह लेन के राजमार्ग और छह लेन की संरचनाओं वाले गलियारों की चौड़ाई भी 70 मीटर होगी।
एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा अधिक यातायात वाली प्रमुख सड़कों के चौराहों पर रैंप वाले इंटरचेंज बनाये जायेंगे। बंदरगाह, हवाई अड्डे, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के लिए भी इंटरचेंज की व्यवस्था होगी। इसमें वाहन चालकों को प्रवेश और निकास की पहले से सूचना देने का प्रावधान किया गया है। अतिक्रमण, अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं को रोकने के लिए राजमार्ग के बाहरी किनारे पर एक मीटर ऊंची चारदीवारी बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
एनएचएआई के अनुसार ये दिशा-निर्देश सुरक्षित और निर्बाध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने में मदद करेंगे और सरकार के विकसित भारत-2047 के तहत 50 हजार किमी नियंत्रित प्रवेश वाले तेज रफ्तार गलियारों के विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप हैं।
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