नागपुर , अगस्त 11 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के गडचिरोली जिला स्थित एक सरकारी आदिवासी आश्रम स्कूल में सर्पदंश से तीन छात्राओं की दर्दनाक मौत का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता किशोर तिवारी की शिकायत के आधार पर की है। श्री तिवारी ने अपनी शिकायत में आवासीय विद्यालय में सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस घटना को केवल हादसा न मानकर 'सरकारी नरसंहार' करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त जवाबदेही तय करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि गडचिरोली के सरकारी आदिवासी आश्रम स्कूल में रात में सोते समय जहरीले सांप के डसने से तीन छात्राओं की मृत्यु हो गयी थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गयी, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस दुर्घटना ने सुदूर क्षेत्रों में स्थित आवासीय आदिवासी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। आयोग ने प्रशासन से उन परिस्थितियों की पूरी जानकारी मांगी है, जिनके कारण यह दुखद घटना घटी, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाये गये कदमों की रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिये हैं।
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