रायपुर , अक्टूबर 05 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव सोमवार को गुजरात के नर्मदा में सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। शिविर में भूमि अधिग्रहण में तेजी, परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सुरक्षित राजमार्ग डिजाइन और निर्माण की गुणवत्ता सहित विभिन्न विषयों पर मंथन किया जा रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 'गतिशक्ति से प्रगति' विषय पर आयोजित शिविर का शुभारंभ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप भी शामिल हुए।
शिविर के पहले दिन तीन सत्रों में भविष्य के राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और परियोजना प्रबंधन पर चर्चा हुई। इस दौरान 'पीएम गतिशक्ति के माध्यम से समन्वित एवं प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन', 'भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग' तथा 'सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क' जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ में रायपुर-जगदलपुर, बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ के बीच चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। चिंतन शिविर में तैयार होने वाले ढांचे और सुझावों से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलने की उम्मीद है।
शिविर के दूसरे दिन छह अक्टूबर को 'सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइन-मानकों से क्रियान्वयन तक' तथा 'गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना निगरानी' विषय पर चर्चा होगी।
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